सुशांत सिंह राजपूत के पैर टखने से नीचे मुड़े हुए थे, जैसे कि वह टूट गए हों: सुब्रमण्यम स्वामी

सुशांत सिंह राजपूत के पैर टखने से नीचे मुड़े हुए थे, जैसे कि वह टूट गए हों: सुब्रमण्यम स्वामी
Image Source : INSTAGRAM/SUSHANTSINGHRAJPUT

भाजपा के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने सोमवार को ट्वीट करते हुए कहा कि जिन एम्बुलेंस कर्मचारियों ने सुशांत सिंह राजपूत के शव को उनके आवास से अस्पताल तक पहुंचाया था, उनके अनुसार दिवंगत अभिनेता के पैर टखने के नीचे से मुड़े हुए थे, जैसे कि वह टूट गए हों। सुशांत सिंह राजपूत मामले में लगातार आवाज उठाने वाले भाजपा सांसद स्वामी ने अपने ट्वीट में एक बार फिर से संदेह जाहिर किया है।

अपने ट्वीट में दिग्गज राजनेता ने उन पांच डॉक्टरों को भी सवालों के घेरे में लिया है, जिन्होंने सुशांत के शव का पोस्टमार्टम किया था।

सुशांत के रिया को दिए हर गिफ्ट की कीमत खंगालेगी ईडी, इन्वेस्टमेंट को लेकर भी होंगे सवाल 

स्वामी ने सोमवार शाम ट्वीट किया, “सीबीआई को कूपर अस्पताल के उन पांच डॉक्टरों से कड़ी पूछताछ करनी चाहिए, जिन्होंने सुशांत के शव का पोस्टमार्टम किया था। सुशांत सिंह राजपूत के पार्थिव शरीर को अस्पताल ले जाने वाले एम्बुलेंस कर्मचारियों के अनुसार, सुशांत के पैर टखने के नीचे से मुड़े हुए थे (जैसे कि वह टूट गए हों)। मामला सुलझने वाला नहीं है!”

स्वामी के चौंकाने वाले ट्वीट ने सोशल मीडिया में एक बार फिर से इस विषय को ज्वलंत कर दिया है। सोशल मीडिया पर पहले से ही लोगों की बहस का एक प्रमुख मुद्दा रहा है कि सुशांत की मौत वास्तव में एक आत्महत्या का ही मामला है या उनकी हत्या की गई है।

सुशांत सिंह राजपूत केस: रिया चक्रवर्ती ने सुप्रीम कोर्ट से की मीडिया ट्रायल बंद करने की गुजारिश

सुशांत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हालांकि कहा गया है कि यह आत्महत्या का मामला है, मगर सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों में भी इस मामले को संदेह की निगाहों से देखा जा रहा है और हर कोई यह जानना चाहता है कि अगर सुशांत ने आत्महत्या ही की है, तो वह क्या कारण हो सकते हैं कि उन्होंने इतना बड़ा कदम उठाया।

सुशांत सिंह राजपूत को 14 जून को उनके मुंबई स्थित आवास पर फांसी के फंदे से लटका पाया गया था। उनके पार्थिव शरीर को उसी दिन पोस्टमार्टम के लिए कूपर अस्पताल भेजा गया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में अभिनेता की मौत को स्पष्ट तौर पर आत्महत्या का मामला करार दिया गया था।

Go to Source